बाकुची: आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा की वो शक्तिशाली औषधि, जो त्वचा से लेकर पेट तक को रखे स्वस्थ
बाकुची: आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा की वो शक्तिशाली औषधि, जो त्वचा से लेकर पेट तक को रखे स्वस्थ आयुर्वेद का ज्ञान-भंडार एक अथाह सागर की तरह है, जिसमें ऐसी अनेक जड़ी-बूटियाँ छिपी हैं जो सदियों से मानव स्वास्थ्य की रक्षा करती आ रही हैं। ऐसी ही एक उल्लेखनीय और बहुआयामी औषधि है बाकुची। जिसे बावची या बकुची के नाम से भी जाना जाता है। इसकी सबसे खास बात यह है कि यह सिर्फ आयुर्वेद तक सीमित नहीं, बल्कि यूनानी चिकित्सा पद्धति में भी समान रूप से प्रतिष्ठित है। इसे कफ और वात दोष का प्राकृतिक शमन करने वाली एक शक्तिशाली औषधि माना गया है। बाकुची क्या है? पहचान और प्रकृति बाकुची एक वार्षिक औषधीय पौधा है, जो सही देखभाल मिलने पर 4-5 वर्ष तक भी जीवित रह सकता है। यह अपने छोटे-छोटे बैंगनी-नीले फूलों और चिपचिपे बीजों वाले फलों से पहचाना जाता है। ठंड के मौसम में इसमें फूल आते हैं और गर्मियों तक ये फलों में परिवर्तित हो जाते हैं। इसके बीजों से निकाला गया तेल और बीजों का चूर्ण, दोनों ही चिकित्सकीय दृष्टि से अत्यंत मूल्यवान हैं। यह कहाँ पाया जाता है? यह पौधा प्रकृति में वर्षा ऋतु में अक्सर स्वतः ही उ...