बौद्ध धर्म की तीन प्रमुख शाखाएँ: थेरवाद, महायान और वज्रयान
बौद्ध धर्म की तीन प्रमुख शाखाएँ: थेरवाद, महायान और वज्रयान प्रस्तावना बौद्ध धर्म विश्व के सबसे प्राचीन और प्रभावशाली धर्मों में से एक है। इसकी स्थापना लगभग 2500 वर्ष पहले Gautama Buddha ने की थी। बुद्ध ने दुःख, उसके कारण और उससे मुक्ति का मार्ग बताया, जिसे आज भी करोड़ों लोग अपनाते हैं। समय के साथ बौद्ध धर्म विभिन्न क्षेत्रों में फैला और अलग-अलग परंपराओं का विकास हुआ। इनमें तीन प्रमुख शाखाएँ सबसे अधिक प्रसिद्ध हैं: थेरवाद (Theravada) महायान (Mahayana) वज्रयान (Vajrayana) हालाँकि इन तीनों शाखाओं में कुछ मतभेद हैं, लेकिन सभी भगवान बुद्ध की मूल शिक्षाओं, चार आर्य सत्यों और अष्टांगिक मार्ग को स्वीकार करती हैं। 1. थेरवाद बौद्ध धर्म थेरवाद का अर्थ "थेरवाद" का अर्थ है "प्राचीन आचार्यों का मार्ग"। इसे बौद्ध धर्म की सबसे पुरानी जीवित परंपरा माना जाता है। मुख्य विशेषताएँ पाली त्रिपिटक को सर्वोच्च ग्रंथ माना जाता है। व्यक्तिगत साधना और निर्वाण पर जोर। अरहंत आदर्श को महत्व। ध्यान, नैतिकता और प्रज्ञा का अभ्यास। प्रमुख देश Sri Lanka, Thailand, Myanmar, Cambodia, और Laos। आदर्श थेर...