ग्रीन तारा साधना और मंत्र – करुणा, संरक्षण और निर्भयता की बौद्ध परंपरा
ग्रीन तारा साधना और मंत्र – करुणा, संरक्षण और निर्भयता की बौद्ध परंपरा प्रस्तावना तिब्बती बौद्ध धर्म और वज्रयान परंपरा में ग्रीन तारा (हरित तारा) को सबसे लोकप्रिय और पूजनीय बोधिसत्त्वों में से एक माना जाता है। उन्हें करुणा, संरक्षण, शीघ्र सहायता और आध्यात्मिक मार्गदर्शन की प्रतीक माना जाता है। तिब्बती बौद्ध परंपरा में ग्रीन तारा को ऐसी जागृत चेतना के रूप में देखा जाता है जो सभी प्राणियों के दुःख को दूर करने और उन्हें भय, बाधाओं तथा मानसिक अशांति से मुक्त करने के लिए सदैव तत्पर रहती है। ग्रीन तारा साधना वज्रयान बौद्ध धर्म की महत्वपूर्ण साधनाओं में से एक है। इस साधना में ध्यान, मंत्र, करुणा और जागरूकता का समन्वय होता है। विश्वभर में लाखों साधक ग्रीन तारा मंत्र का जप करते हैं और इसे मानसिक शांति, साहस तथा करुणा विकसित करने का साधन मानते हैं। ग्रीन तारा कौन हैं? ग्रीन तारा को संस्कृत में "आर्य तारा" भी कहा जाता है। तिब्बती भाषा में उन्हें "दोल्मा" नाम से जाना जाता है। महायान और वज्रयान परंपरा के अनुसार तारा करुणा के बोधिसत्त्व अवलोकितेश्वर की करुणा से प्रकट हुईं। तारा...