अभिधम्म पिटक क्या है? बौद्ध दर्शन और मनोविज्ञान का गहन अध्ययन
अभिधम्म पिटक – बौद्ध मनोविज्ञान और दर्शन का विज्ञान प्रस्तावना यदि सुत्त पिटक बौद्ध धर्म का हृदय है और विनय पिटक उसका अनुशासन, तो अभिधम्म पिटक उसका बौद्धिक और दार्शनिक पक्ष है। यह मन, चेतना और वास्तविकता का अत्यंत सूक्ष्म विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अभिधम्म का अर्थ "अभि" = उच्च या विशेष "धम्म" = सत्य या धर्म अर्थात: धर्म का उच्च विश्लेषण अभिधम्म पिटक के सात ग्रंथ धम्मसंगणी विभंग धातुकथा पुग्गलपञ्ञत्ति कथावत्थु यमक पट्ठान मन का विश्लेषण अभिधम्म के अनुसार: मन निरंतर बदलता रहता है। प्रत्येक क्षण: उत्पन्न होता है टिकता है समाप्त हो जाता है चित्त और चेतना अभिधम्म में: चित्त चेतसिक रूप निर्वाण का विश्लेषण मिलता है। कर्म सिद्धांत अभिधम्म कर्म को मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया के रूप में समझाता है। हर विचार भविष्य के अनुभवों को प्रभावित करता है। प्रतित्यसमुत्पाद सब कुछ कारणों और परिस्थितियों पर निर्भर है। कुछ भी स्वतंत्र नहीं है। ध्यान में उपयोग अभिधम्म: विपश्यना सतिपट्ठान मानसिक अवलोकन को गहराई से समझने में सहायता करता है। आधुनिक महत्व आज कई विद्वान अभिधम्म को: मनोविज्ञान न्यूरोसाइ...