हड्डियों की मजबूती में गोंद की भूमिका: फायदे, उपयोग और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण
हड्डियों की मजबूती में गोंद की भूमिका: फायदे, उपयोग और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण आज के समय में हड्डियों से जुड़ी समस्याएँ बहुत आम हो गई हैं। कम उम्र में ही कमर दर्द, घुटनों में दर्द, जोड़ों की जकड़न और कमजोरी महसूस होना एक सामान्य समस्या बनती जा रही है। बदलती जीवनशैली, पोषण की कमी और शारीरिक मेहनत की कमी इसका मुख्य कारण है। आयुर्वेद में हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए कई प्राकृतिक उपाय बताए गए हैं, जिनमें औषधीय गोंद का विशेष महत्व है। हड्डियों की कमजोरी क्यों होती है? हड्डियों की कमजोरी के पीछे कई कारण हो सकते हैं: कैल्शियम और विटामिन D की कमी बढ़ती उम्र महिलाओं में हार्मोनल बदलाव लंबे समय तक बैठकर काम करना शरीर में वात दोष का बढ़ना आयुर्वेद के अनुसार जब वात दोष असंतुलित हो जाता है, तो सबसे पहले असर हड्डियों और जोड़ों पर पड़ता है। गोंद क्या है और यह हड्डियों के लिए कैसे काम करता है? गोंद एक प्राकृतिक रेज़िन है, जो विभिन्न औषधीय पेड़ों से प्राप्त होता है। इसमें कैल्शियम, मिनरल्स और प्राकृतिक बाइंडिंग तत्व होते हैं, जो हड्डियों को पोषण प्रदान करते हैं। गोंद शरीर के अंदर जाकर हड्डियों की सूक्ष्...