महायान बौद्ध धर्म क्या है? बोधिसत्त्व, करुणा और शून्यता का संपूर्ण परिचय
महायान बौद्ध धर्म: करुणा, बोधिसत्त्व और सार्वभौमिक मुक्ति का मार्ग प्रस्तावना बौद्ध धर्म के इतिहास में महायान बौद्ध धर्म एक ऐसी परंपरा है जिसने करुणा, प्रज्ञा और सभी प्राणियों के कल्याण को आध्यात्मिक साधना का केंद्र बनाया। यदि थेरवाद बौद्ध धर्म व्यक्तिगत मुक्ति और अरहंत आदर्श पर बल देता है, तो महायान बौद्ध धर्म उससे आगे बढ़कर समस्त जीवों की मुक्ति को अपना सर्वोच्च लक्ष्य मानता है। आज चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, वियतनाम और मंगोलिया सहित एशिया के विशाल भाग में महायान परंपरा का प्रभाव देखा जा सकता है। विश्वभर में करोड़ों लोग महायान की शिक्षाओं से प्रेरणा प्राप्त कर रहे हैं। महायान का अर्थ "महायान" दो शब्दों से मिलकर बना है: महा = महान यान = वाहन या मार्ग अर्थात: "महान वाहन" या "महान मार्ग" महायान परंपरा का मानना है कि बुद्ध का धर्म केवल कुछ व्यक्तियों की मुक्ति के लिए नहीं, बल्कि समस्त प्राणियों के कल्याण और जागरण के लिए है। महायान का उद्भव महायान बौद्ध धर्म का विकास लगभग पहली शताब्दी ईसा पूर्व से पहली शताब्दी ईस्वी के बीच हुआ। उस समय अनेक...