बेलन घाटी सभ्यता के बारे में काफी रोचक जानकारी
बेलन घाटी सभ्यता के बारे में काफी रोचक जानकारी है, जो मुख्य रूप से पुरातात्विक खोजों पर आधारित है। यह सभ्यता भारतीय उपमहाद्वीप में मानव के विकास को समझने का एक महत्वपूर्ण आधार है। यहाँ मुख्य तथ्य दिए जा रहे हैं: 📜 काल निर्धारण और प्रमुख स्थल बेलन घाटी सभ्यता का विस्तृत कालक्रम इस प्रकार है: · उच्च पुरापाषाण काल (लगभग 20,000 - 12,000 ईसा पूर्व): यह काल मानव विकास की शुरुआत का समय था। इस युग के अवशेष लोहदा नाले और सोन घाटी जैसे स्थलों पर मिले हैं। · मध्य पुरापाषाण काल (लगभग 12,000 - 8,000 ईसा पूर्व): इस काल के साक्ष्य मुख्यतः सोन घाटी क्षेत्र में प्राप्त हुए हैं। · नवपाषाण काल (लगभग 8,000 - 4,000 ईसा पूर्व): यह क्रांतिकारी बदलाव का दौर था, जब मानव ने खेती करना और पशु पालना शुरू किया। इस काल के प्रमुख स्थल कोल्डीहवा (Koldihwa) और महागरा (Mahagara) हैं। यहाँ चावल की सबसे पुरानी खेती के प्रमाण मिले हैं। 🛠️ आर्थिक गतिविधियाँ और तकनीकी विकास प्राचीन बेलन घाटी के लोग तकनीकी रूप से काफी उन्नत थे: · कृषि और पशुपालन: जैसा कि ऊपर बताया गया, कोल्डीहवा में चावल की सबसे प्राचीन खेती के सबूत मिले है...