बौद्ध धर्म के दो प्रमुख संप्रदाय: थेरवाद और महायान
बौद्ध धर्म के दो प्रमुख संप्रदाय: थेरवाद और महायान प्रस्तावना बौद्ध धर्म विश्व के सबसे प्राचीन और प्रभावशाली धर्मों में से एक है। इसकी स्थापना लगभग 2500 वर्ष पूर्व भगवान बुद्ध ने की थी। बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद उनके अनुयायियों ने उनकी शिक्षाओं को संरक्षित और प्रसारित किया। समय के साथ बौद्ध धर्म में विभिन्न परंपराएँ विकसित हुईं, जिनमें थेरवाद और महायान सबसे प्रमुख हैं। इन दोनों संप्रदायों का लक्ष्य दुःख से मुक्ति और निर्वाण प्राप्त करना है, लेकिन उनके दृष्टिकोण, साधना पद्धति और आदर्शों में कुछ महत्वपूर्ण अंतर हैं। थेरवाद बौद्ध धर्म थेरवाद का अर्थ है "प्राचीन आचार्यों का मार्ग"। इसे बौद्ध धर्म की सबसे पुरानी जीवित परंपरा माना जाता है। प्रमुख विशेषताएँ पाली भाषा के त्रिपिटक को सबसे प्रामाणिक ग्रंथ माना जाता है। व्यक्तिगत मुक्ति (निर्वाण) पर विशेष जोर। अरहंत आदर्श को सर्वोच्च माना जाता है। ध्यान, नैतिकता और प्रज्ञा मुख्य आधार हैं। बुद्ध को एक महान शिक्षक और मार्गदर्शक माना जाता है। प्रमुख देश Sri Lanka, Thailand, Myanmar, Laos, और Cambodia में थेरवाद परंपरा प्...