बौद्ध तंत्र और कालचक्र तंत्र क्या है? इतिहास, रहस्य और ज्योतिष से संबंध
बौद्ध तंत्र और कालचक्र तंत्र: इतिहास, दर्शन और रहस्य प्रस्तावना बौद्ध धर्म को सामान्यतः ध्यान, करुणा और प्रज्ञा का धर्म माना जाता है। लेकिन बौद्ध धर्म की एक ऐसी परंपरा भी है जिसमें मंत्र, मंडल, मुद्राएँ और विशेष साधनाओं का प्रयोग किया जाता है। इस परंपरा को बौद्ध तंत्र या वज्रयान कहा जाता है। बौद्ध तंत्र का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान करना नहीं है, बल्कि साधक के मन और चेतना को परिवर्तित करके उसे बुद्धत्व की ओर ले जाना है। बौद्ध तंत्र की अनेक शाखाओं में कालचक्र तंत्र को सबसे रहस्यमय और व्यापक परंपराओं में से एक माना जाता है। बौद्ध तंत्र क्या है? बौद्ध तंत्र वज्रयान बौद्ध धर्म का आधार है। इसका विकास लगभग छठी से आठवीं शताब्दी के बीच भारत में हुआ। यह महायान बौद्ध धर्म से विकसित हुआ लेकिन इसमें विशेष साधनाएँ जोड़ी गईं। "तंत्र" शब्द का अर्थ है विस्तार, निरंतरता या आध्यात्मिक प्रणाली। बौद्ध तंत्र का लक्ष्य साधक को शीघ्र बुद्धत्व प्राप्त करने का मार्ग प्रदान करना है। बौद्ध तंत्र की मुख्य विशेषताएँ 1. मंत्र मंत्र विशेष ध्वनियाँ हैं जिन्हें चेतना परिवर्तन का साधन माना जाता है। उदाह...