चांगेरी घास: वो साधारण सा पौधा जिसमें छिपे हैं अनेकों सेहत के राज
चांगेरी घास: वो साधारण सा पौधा जिसमें छिपे हैं अनेकों सेहत के राज हमारे आस-पास, हमारे बगीचों की मिट्टी के फटकों से निकलने वाले छोटे-छोटे पौधे अक्सर हमारी नज़रों से ओझल रह जाते हैं। उन्हें हम 'करगस' या 'खरपतवार' समझ कर उखाड़ फेंकते हैं। लेकिन आयुर्वेद की दृष्टि से देखें, तो यही नन्हे पौधे प्रकृति के अनमोल उपहार होते हैं। चांगेरी घास (Oxalis corniculata) ऐसा ही एक जीवंत उदाहरण है। तिकोने, खट्टे स्वाद वाले हरे पत्तों और पीले फूलों वाली यह घास दुनिया भर में आसानी से मिल जाती है, लेकिन इसके गुणों का भंडार बहुत कम लोग जानते हैं। आयुर्वेद में चांगेरी का स्थान प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों, जैसे चरक संहिता और सुश्रुत संहिता में चांगेरी को 'अम्लपत्री' आदि नामों से जाना जाता है और इसका विस्तृत वर्णन मिलता है। इसे एक उत्तम दीपन (भूख बढ़ाने वाला) और पाचन औषधि माना गया है। पारंपरिक चिकित्सा में सदियों से इसका उपयोग दस्त, बवासीर, सूजन और त्वचा विकारों के इलाज में होता आ रहा है। एक पौधे में छिपे अनेक चमत्कार: चांगेरी के फायदे इसके छोटे से स्वरूप में ऐसे बड़े गुण समाए ...