मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए सबसे पहला और सबसे जरूरी कदम BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन करना है
मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए सबसे पहला और सबसे जरूरी कदम BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन करना है। इसके बिना आप एक भी फोन नहीं बेच सकते। यह प्रोसेस ऑनलाइन है और इसे पूरा होने में आमतौर पर 4 से 8 सप्ताह लग जाते हैं .
यहां हर कदम का सरल भाषा में विवरण दिया गया है:
📝 BIS सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कैसे करें?
चरण 1: उत्पाद की पहचान और मानक (Standard) तय करना
सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपका प्रोडक्ट BIS के अनिवार्य दायरे में आता है या नहीं। मोबाइल फोन के लिए भारतीय मानक IS 13252 (Part 1) लागू होता है .
चरण 2: BIS मान्यता प्राप्त लैब में जांच
अपने फोन का सैंपल BIS द्वारा मान्यता प्राप्त किसी भारतीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजें . यह जांच सुनिश्चित करती है कि आपका प्रोडक्ट सुरक्षित है और भारतीय मानकों (जैसे वोल्टेज, फ्रीक्वेंसी) पर खरा उतरता है . जांच में लगभग 1-3 सप्ताह लग सकते हैं .
चरण 3: ऑनलाइन आवेदन जमा करना
· पोर्टल: BIS के आधिकारिक "Manak" पोर्टल पर जाएं .
· रजिस्ट्रेशन: पोर्टल पर अकाउंट बनाकर लॉगिन करें।
· फॉर्म भरें: प्रोडक्ट की डिटेल, कंपनी की जानकारी और लैब से मिली टेस्ट रिपोर्ट के साथ ऑनलाइन आवेदन पत्र भरें .
चरण 4: जरूरी दस्तावेज अपलोड करना
आवेदन के साथ ये दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करने होंगे :
· कंपनी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (GST, Udyam, etc.)
· फैक्ट्री का पता और लेआउट
· BIS लैब से मिली टेस्ट रिपोर्ट
· ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट
· प्रोडक्ट की तकनीकी जानकारी और यूजर मैनुअल
· आईएसओ सर्टिफिकेट (अगर हो तो)
· ऑथराइज्ड साइन की पहचान पत्र
चरण 5: फीस का भुगतान
आवेदन जमा करते समय सरकारी फीस ऑनलाइन जमा करनी होगी :
· आवेदन फीस: ₹1,000 - ₹2,000
· प्रोसेसिंग फीस: ₹25,000 (दो साल के लिए)
· लैब टेस्टिंग फीस: ₹20,000 - ₹50,000 (प्रोडक्ट के अनुसार अलग-अलग)
चरण 6: BIS समीक्षा और सर्टिफिकेट जारी होना
BIS अधिकारी आपके दस्तावेजों की जांच करेंगे। अगर सब कुछ सही पाया गया, तो वे आपको CRS सर्टिफिकेट जारी कर देंगे, जिसमें एक अनोखा R-नंबर (Registration Number) होता है . इसे प्रोडक्ट और पैकेजिंग पर छापना अनिवार्य होगा।
🆚 घरेलू बनाम विदेशी निर्माता (डोमेस्टिक vs फॉरेन)
आपकी लोकेशन के हिसाब से प्रक्रिया में थोड़ा अंतर है :
· अगर आप भारत में बना रहे हैं (डोमेस्टिक):
· आप सीधे BIS पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।
· प्रोसेस आसान और तेज होती है।
· अगर आप विदेश में बना रहे हैं (फॉरेन):
· भारतीय प्रतिनिधि (AIR) नियुक्त करें: विदेशी निर्माताओं के लिए भारत में एक अधिकृत प्रतिनिधि नियुक्त करना अनिवार्य है, जो BIS से सारा संपर्भ करेगा .
· AIR ही आपकी ओर से पूरा आवेदन करेगा।
💡 ध्यान रखने योग्य बातें
· सर्टिफिकेट की वैधता: BIS सर्टिफिकेट 2 साल के लिए वैध होता है। समय रहते इसे रिन्यू कराना न भूलें .
· बिना सर्टिफिकेट के नुकसान: बिना BIS मार्क के फोन बेचने पर ₹2 लाख तक का जुर्माना, सामान जब्त होना और बिजनेस लाइसेंस रद्द हो सकता है .
क्या आप भारत में फैक्ट्री लगा रहे हैं या विदेश से फोन लाकर असेंबल कर रहे हैं? इससे मैं आपको और सटीक जानकारी दे सकता हूं।
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