गोंद कतीरा के फायदे, उपयोग और सेवन का सही तरीका
गोंद कतीरा के फायदे, उपयोग और सेवन का सही तरीका
आयुर्वेद में गोंद कतीरा को एक अत्यंत शीतल, शक्तिवर्धक और औषधीय पदार्थ माना गया है। गर्मी हो या सर्दी, सही तरीके से उपयोग करने पर गोंद कतीरा शरीर को अंदर से मजबूती देता है। खासतौर पर कमजोरी, पाचन समस्या, महिलाओं के स्वास्थ्य और गर्मी से होने वाली बीमारियों में यह बहुत लाभकारी होता है।
गोंद कतीरा क्या है?
गोंद कतीरा एक प्राकृतिक गोंद है जो मुख्य रूप से Astragalus नामक पौधे से प्राप्त होता है। यह दिखने में छोटे-छोटे क्रिस्टल या पारदर्शी दानों जैसा होता है। पानी में भिगोने पर यह फूलकर जैली जैसा हो जाता है, जो इसके शीतल गुण को दर्शाता है।
गोंद कतीरा के पोषक तत्व
गोंद कतीरा में पाए जाते हैं:
प्राकृतिक फाइबर
कैल्शियम
मैग्नीशियम
एंटीऑक्सीडेंट
ठंडक देने वाले तत्व
इन्हीं कारणों से यह शरीर के लिए अत्यंत लाभदायक माना जाता है।
गोंद कतीरा के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ
1️⃣ शरीर की कमजोरी दूर करता है
गोंद कतीरा शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा देता है। लंबे समय से कमजोरी, थकान या बीमारी के बाद इसे लेने से शरीर जल्दी रिकवर करता है।
2️⃣ गर्मी से बचाव करता है
गोंद कतीरा की तासीर ठंडी होती है। लू लगना, नाक से खून आना, जलन और अधिक पसीना जैसी समस्याओं में यह बहुत लाभ देता है।
3️⃣ पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है
इसमें मौजूद फाइबर कब्ज, गैस और एसिडिटी की समस्या को दूर करता है। नियमित लेकिन सीमित सेवन से पेट साफ रहता है।
4️⃣ महिलाओं के लिए विशेष लाभकारी
डिलीवरी के बाद महिलाओं को गोंद कतीरा देने से कमजोरी दूर होती है और शरीर को ठंडक मिलती है। यह हार्मोन संतुलन में भी सहायक माना जाता है।
5️⃣ जोड़ों और हड्डियों के लिए लाभ
गोंद कतीरा कैल्शियम का अच्छा स्रोत है, जो हड्डियों को मजबूत करता है और जोड़ों के दर्द में राहत देता है।
6️⃣ त्वचा के लिए फायदेमंद
यह शरीर को अंदर से ठंडा रखता है, जिससे फोड़े-फुंसी, मुंहासे और जलन की समस्या कम होती है।
गोंद कतीरा का सही उपयोग कैसे करें?
✔️ भिगोकर सेवन
1 चम्मच गोंद कतीरा
रात भर पानी में भिगो दें
सुबह दूध, पानी या शरबत में मिलाकर सेवन करें
✔️ दूध के साथ
कमजोरी या हड्डियों की समस्या में गोंद कतीरा को दूध में मिलाकर पीना लाभकारी होता है।
✔️ शरबत बनाकर
गर्मी के मौसम में गोंद कतीरा का शरबत बनाकर पीने से शरीर ठंडा रहता है।
गोंद कतीरा सेवन का सही समय
सुबह खाली पेट
या रात को सोने से पहले
गर्मी में सुबह सेवन अधिक लाभकारी माना जाता है।
कितनी मात्रा में लें?
वयस्क: 1 चम्मच प्रतिदिन
बच्चे: आधा चम्मच
अत्यधिक सेवन से बचें
गोंद कतीरा सेवन में सावधानियाँ
⚠️ अधिक मात्रा में लेने से पेट भारी हो सकता है
⚠️ बहुत ठंडी तासीर होने के कारण सर्दी-खांसी में सीमित मात्रा लें
⚠️ गर्भवती महिलाएँ डॉक्टर की सलाह से ही सेवन करें
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण
आयुर्वेद के अनुसार गोंद कतीरा पित्त दोष को शांत करता है और शरीर को ठंडक प्रदान करता है। यह त्रिदोष संतुलन में सहायक है, खासकर पित्त प्रकृति वाले लोगों के लिए।
निष्कर्ष
गोंद कतीरा एक प्राकृतिक, सस्ता और प्रभावी आयुर्वेदिक उपाय है। सही मात्रा और सही तरीके से उपयोग करने पर यह शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है। हालांकि, इसे दवा नहीं बल्कि सहायक औषधि की तरह ही प्रयोग करना चाहिए।
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