गोंद अशोक महिलाओं के लिए क्यों जरूरी है? फायदे, उपयोग और सावधानियाँ
गोंद अशोक महिलाओं के लिए क्यों जरूरी है? फायदे, उपयोग और सावधानियाँ
आयुर्वेद में महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए कई विशेष औषधियाँ बताई गई हैं, जिनमें अशोक वृक्ष का नाम बहुत सम्मान के साथ लिया जाता है। इसी अशोक पेड़ से प्राप्त गोंद अशोक महिलाओं से जुड़ी अनेक समस्याओं में लाभकारी माना जाता है। प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों में इसे गर्भाशय को मजबूत करने और हार्मोन संतुलन बनाए रखने वाली औषधि बताया गया है।
गोंद अशोक क्या है?
गोंद अशोक, अशोक (Saraca indica) पेड़ की छाल से निकलने वाला प्राकृतिक गोंद है। यह सूखने पर हल्के भूरे या पीले रंग का दिखाई देता है। आयुर्वेद में इसका प्रयोग विशेष रूप से स्त्री रोगों में किया जाता है।
गोंद अशोक में पाए जाने वाले पोषक तत्व
गोंद अशोक में कई उपयोगी औषधीय तत्व पाए जाते हैं, जैसे:
प्राकृतिक टैनिन
एंटीऑक्सीडेंट
सूजन कम करने वाले तत्व
हार्मोन संतुलन में सहायक घटक
इन्हीं गुणों के कारण यह महिलाओं के लिए अत्यंत उपयोगी माना जाता है।
गोंद अशोक के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ
1️⃣ मासिक धर्म को नियमित करता है
अनियमित पीरियड्स, अधिक रक्तस्राव या दर्द की समस्या में गोंद अशोक बेहद लाभकारी माना जाता है। यह गर्भाशय की मांसपेशियों को मजबूत करता है।
2️⃣ गर्भाशय को मजबूत बनाता है
जो महिलाएँ कमजोरी या बार-बार पेट दर्द से परेशान रहती हैं, उनके लिए गोंद अशोक गर्भाशय को शक्ति प्रदान करता है।
3️⃣ हार्मोन संतुलन में सहायक
हार्मोन असंतुलन के कारण होने वाली चिड़चिड़ापन, थकान और मूड स्विंग्स में यह मददगार होता है।
4️⃣ डिलीवरी के बाद रिकवरी में सहायक
प्रसव के बाद शरीर में आई कमजोरी को दूर करने और अंदरूनी अंगों को मजबूत बनाने में गोंद अशोक उपयोगी होता है।
5️⃣ श्वेत प्रदर (White Discharge) में लाभ
यह समस्या महिलाओं में आम है और गोंद अशोक इसका आयुर्वेदिक समाधान माना जाता है।
6️⃣ सूजन और दर्द में राहत
इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण गर्भाशय से जुड़ी सूजन और दर्द को कम करने में मदद करते हैं।
गोंद अशोक का सही उपयोग कैसे करें?
✔️ दूध के साथ सेवन
1 चम्मच गोंद अशोक
गर्म दूध में मिलाकर सेवन करें
यह तरीका कमजोरी और गर्भाशय की मजबूती के लिए उपयोगी है।
✔️ काढ़े के रूप में
आयुर्वेद में गोंद अशोक का काढ़ा बनाकर सेवन करने की भी परंपरा है, खासकर मासिक धर्म संबंधी समस्याओं में।
✔️ आयुर्वेदिक चूर्ण
कुछ आयुर्वेदिक दवाओं में गोंद अशोक मिलाकर दिया जाता है, जिसे डॉक्टर की सलाह से लिया जाता है।
सेवन का सही समय
सुबह खाली पेट
या रात को सोने से पहले
कितनी मात्रा में लें?
सामान्य मात्रा: 1 चम्मच प्रतिदिन
शुरुआत कम मात्रा से करें
सावधानियाँ
⚠️ गर्भावस्था के दौरान सेवन न करें
⚠️ अत्यधिक सेवन से पेट खराब हो सकता है
⚠️ किसी गंभीर स्त्री रोग में पहले डॉक्टर से सलाह लें
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण
आयुर्वेद के अनुसार गोंद अशोक पित्त और कफ दोष को संतुलित करता है और स्त्री रोगों में विशेष लाभ देता है। इसे स्त्रियों के लिए प्राकृतिक टॉनिक माना गया है।
निष्कर्ष
गोंद अशोक महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए एक अमूल्य आयुर्वेदिक औषधि है। सही मात्रा और नियमित सेवन से यह मासिक धर्म, हार्मोन और गर्भाशय से जुड़ी समस्याओं में प्रभावी राहत प्रदान करता है।
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