असली शंखपुष्पी की पहचान: एक भ्रम और उसका स्पष्ट समाधान

असली शंखपुष्पी की पहचान: एक भ्रम और उसका स्पष्ट समाधान


अक्सर आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा में रुचि रखने वाले लोगों के मन में एक सवाल गूंजता रहता है: "असली शंखपुष्पी का पौधा आखिर कौन सा है?" बाजार में अलग-अलग पौधों को यह नाम दे दिया जाता है, और इंटरनेट पर मिलते-जुलते चित्र भ्रम पैदा करते हैं। इस भ्रम का सीधा नुकसान यह होता है कि हम जिस लाभ के लिए इस औषधि का सेवन करते हैं, वह हमें नहीं मिल पाता। आज हम इसी भ्रम को एक साफ-सुथरी तस्वीर और स्पष्ट जानकारी के जरिए दूर करने की कोशिश करते हैं।

बायीं ओर: नीले फूलों वाला सुंदर भ्रम (अपराजिता)

फोटो के बाईं ओर दिख रहा नीले फूलों वाला आकर्षक पौधा शंखपुष्पी नहीं है। यह है अपराजिता, जिसे विष्णुप्रिया, गोकर्ण या विष्णुकांता जैसे प्यारे नामों से भी जाना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम Clitoria ternatea है। यह एक बेल है, जो दीवार या मेड़ पर चढ़ जाती है और इसके नीले, बैंगनी या सफेद फूल देखने में बेहद खूबसूरत होते हैं।

अपराजिता भी एक गुणकारी औषधीय पौधा है। इसके फूलों को पानी में उबालकर बनाया गया काढ़ा अनिद्रा, रक्तचाप और शुगर जैसी समस्याओं में फायदेमंद माना जाता है। लेकिन यह वह शंखपुष्पी नहीं है, जिसे आयुर्वेद में 'मेध्य रसायन' यानी दिमाग के लिए टॉनिक कहा गया है।

दायीं ओर: सफेद फूलों वाली विनम्र वास्तविकता (शंखपुष्पी)

फोटो के दाईं ओर दिख रहा सफेद-हल्के नीले छोटे फूलों वाला पौधा ही असली शंखपुष्पी है। इसका वैज्ञानिक नाम Convolvulus pluricaulis है। यह पौधा झाड़ीनुमा या जमीन पर फैलने वाला होता है, इसकी पत्तियाँ पतली और फूल अपराजिता की तुलना में काफी छोटे होते हैं।

यही वह पौधा है जिसे सदियों से आयुर्वेद में स्मरण शक्ति, बुद्धि और एकाग्रता बढ़ाने के लिए 'मस्तिष्क का अमृत' कहा गया है। यह तनाव, चिंता, मानसिक थकान और अनिद्रा को दूर कर दिमाग को शांति व ठंडक प्रदान करती है। इसका प्रभाव सीधे तंत्रिका तंत्र पर पड़ता है।

भ्रम क्यों है, और सही पहचान क्यों जरूरी?

दोनों पौधे अलग-अलग परिवारों से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन शायद फूल के आकार में कुछ समानता के कारण यह भ्रम पैदा हुआ। यहाँ मुख्य अंतर समझ लेना महत्वपूर्ण है:

· अपराजिता: बड़े, गहरे नीले फूल, बेल है।
· शंखपुष्पी: छोटे, सफेद-हल्के रंग के फूल, जमीन पर फैलने वाला झाड़ीनुमा पौधा।

सही पहचान इसलिए भी जरूरी है ताकि हम जिस उद्देश्य से औषधि ले रहे हैं, उसके अनुरूप ही पौधे का चयन और उपयोग कर सकें। गलत पौधा, भले ही वह गुणकारी हो, वांछित मानसिक लाभ नहीं दे पाएगा।

प्रकृति का हर पौधा अनमोल है, लेकिन उसकी सही पहचान और उद्देश्यपूर्ण उपयोग ही हमें उसके वास्तविक लाभ तक पहुँचाता है। उम्मीद है यह स्पष्टीकरण आपके लिए उपयोगी रहा होगा।

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