सर्दियों में गोंद खाने के फायदे: क्यों ठंड के मौसम में गोंद सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है

सर्दियों में गोंद खाने के फायदे: क्यों ठंड के मौसम में गोंद सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है
भारत में सर्दियों का मौसम आते ही खान-पान में खास बदलाव देखने को मिलता है। इस मौसम में ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाता है जो शरीर को अंदर से गर्म रखें और ताकत प्रदान करें। इन्हीं पारंपरिक खाद्य पदार्थों में औषधीय गोंद का विशेष स्थान है। आयुर्वेद में सर्दियों के मौसम को गोंद सेवन के लिए सबसे उपयुक्त समय माना गया है।
सर्दियों में शरीर को अतिरिक्त पोषण क्यों चाहिए?
ठंड के मौसम में शरीर को खुद को गर्म रखने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। इसके अलावा:
ठंड में जोड़ों का दर्द बढ़ जाता है
मांसपेशियाँ अकड़ने लगती हैं
इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है
बुजुर्गों और महिलाओं में कमजोरी बढ़ती है
ऐसे में गोंद जैसे ऊर्जावर्धक और पोषक तत्वों से भरपूर पदार्थ शरीर के लिए बहुत लाभकारी होते हैं।
गोंद क्या है और सर्दियों में इसका महत्व
गोंद विभिन्न औषधीय पेड़ों से प्राप्त प्राकृतिक रेज़िन है। इसकी तासीर गर्म होती है, इसलिए यह सर्दियों में शरीर को अंदर से गर्म रखने में मदद करता है। आयुर्वेद के अनुसार सर्दियों में पाचन शक्ति मजबूत होती है, जिससे गोंद आसानी से पच जाता है और पूरा लाभ देता है।
सर्दियों में गोंद खाने के प्रमुख फायदे
1️⃣ शरीर को गर्म रखता है
गोंद की गर्म तासीर ठंड से शरीर की रक्षा करती है। ठंड के कारण होने वाली कंपकंपी और ठंड लगने की समस्या में यह लाभकारी है।
2️⃣ जोड़ों और हड्डियों के दर्द में राहत
सर्दियों में गठिया, घुटनों का दर्द और कमर दर्द बढ़ जाता है। गोंद वात दोष को संतुलित कर जोड़ों की जकड़न कम करता है।
3️⃣ शरीर की कमजोरी दूर करता है
गोंद शरीर को ऊर्जा देता है और लंबे समय तक थकान महसूस नहीं होने देता।
4️⃣ महिलाओं के लिए विशेष लाभ
डिलीवरी के बाद महिलाओं को सर्दियों में गोंद खिलाने की परंपरा है, जिससे शरीर जल्दी रिकवर करता है और अंदरूनी कमजोरी दूर होती है।
5️⃣ बुजुर्गों के लिए फायदेमंद
उम्र बढ़ने के साथ हड्डियाँ कमजोर हो जाती हैं। गोंद बुजुर्गों में हड्डियों की मजबूती और दर्द से राहत में सहायक होता है।
6️⃣ इम्यूनिटी बढ़ाता है
सर्दियों में सर्दी-खांसी और संक्रमण आम होते हैं। गोंद शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है।
सर्दियों में कौन-सा गोंद सबसे अच्छा?
सर्दियों में ये गोंद विशेष रूप से उपयोगी माने जाते हैं:
गोंद बबूल
गोंद मोरिंगा
सामान्य औषधीय गोंद (लड्डू बनाने वाला)
गोंद कतीरा ठंडी तासीर वाला होता है, इसलिए वह गर्मियों में अधिक उपयुक्त माना जाता है।
सर्दियों में गोंद सेवन के सही तरीके
✔️ गोंद के लड्डू
सर्दियों में गोंद के लड्डू सबसे लोकप्रिय और प्रभावी तरीका हैं। इनमें:
गोंद
देसी घी
गेहूं का आटा
गुड़ या शक्कर
मेवे
डालकर बनाए जाते हैं, जो शरीर को संपूर्ण पोषण देते हैं।
✔️ दूध के साथ गोंद
गोंद को भूनकर पाउडर बनाकर रात में गर्म दूध के साथ लेना हड्डियों और मांसपेशियों के लिए बहुत फायदेमंद है।
✔️ आयुर्वेदिक मिश्रण
कुछ लोग गोंद को अश्वगंधा या शतावरी के साथ मिलाकर भी सेवन करते हैं।
कितनी मात्रा में गोंद लें?
वयस्क: 1 चम्मच प्रतिदिन
बुजुर्ग: आधा से 1 चम्मच
महिलाएँ: आवश्यकता अनुसार
⚠️ अधिक मात्रा में लेने से गैस या अपच हो सकता है।
सावधानियाँ
गर्म तासीर के कारण अधिक मात्रा न लें
पित्त प्रकृति वाले लोग सीमित मात्रा में सेवन करें
बच्चों को डॉक्टर की सलाह से दें
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण
आयुर्वेद के अनुसार सर्दियों में वात दोष बढ़ता है और गोंद वात को शांत करता है। इसीलिए सर्दियों में गोंद सेवन को विशेष रूप से लाभकारी माना गया है।
निष्कर्ष
सर्दियों में गोंद खाना न केवल एक परंपरा है, बल्कि यह पूरी तरह वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक रूप से सही भी है। सही मात्रा और सही तरीके से सेवन करने पर गोंद शरीर को ताकत, गर्माहट और रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है।

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