गोंद से बनने वाले आयुर्वेदिक लड्डू: फायदे, विधि और सही सेवन
गोंद से बनने वाले आयुर्वेदिक लड्डू: फायदे, विधि और सही सेवन
भारत में आयुर्वेद और घरेलू नुस्खों का गहरा संबंध रहा है। सर्दियों का मौसम आते ही जिन पारंपरिक व्यंजनों की सबसे अधिक चर्चा होती है, उनमें गोंद के लड्डू प्रमुख हैं। ये लड्डू केवल स्वादिष्ट ही नहीं होते, बल्कि शरीर को ताकत देने वाले आयुर्वेदिक पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। खासतौर पर महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर शरीर वाले लोगों के लिए गोंद के लड्डू अत्यंत लाभकारी माने जाते हैं।
गोंद के लड्डू क्या होते हैं?
गोंद के लड्डू औषधीय गोंद, देसी घी, आटा और गुड़ या शक्कर से बनाए जाते हैं। गोंद को पहले घी में भूनकर फुलाया जाता है, फिर अन्य सामग्री मिलाकर लड्डू बनाए जाते हैं। आयुर्वेद में इन्हें एक प्राकृतिक ऊर्जावर्धक टॉनिक माना गया है।
गोंद के लड्डू में इस्तेमाल होने वाली सामग्री
गोंद के लड्डू बनाने में आमतौर पर ये चीजें उपयोग की जाती हैं:
औषधीय गोंद
देसी घी
गेहूं का आटा
गुड़ या शक्कर
सूखे मेवे (बादाम, काजू, अखरोट)
इलायची (स्वाद के लिए)
इन सभी चीजों का संयोजन शरीर को संपूर्ण पोषण प्रदान करता है।
गोंद के लड्डू के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ
1️⃣ शरीर को ताकत और ऊर्जा देते हैं
गोंद के लड्डू खाने से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है। यह थकान और कमजोरी को दूर करने में सहायक होते हैं।
2️⃣ हड्डियों और जोड़ों को मजबूत बनाते हैं
इन लड्डुओं में मौजूद गोंद और घी हड्डियों की मजबूती और जोड़ों के दर्द में राहत देने में मदद करते हैं।
3️⃣ महिलाओं के लिए विशेष लाभकारी
डिलीवरी के बाद महिलाओं को गोंद के लड्डू खिलाने की परंपरा है, जिससे शरीर जल्दी रिकवर करता है और अंदरूनी कमजोरी दूर होती है।
4️⃣ बुजुर्गों के लिए फायदेमंद
बढ़ती उम्र में हड्डियाँ कमजोर हो जाती हैं। गोंद के लड्डू बुजुर्गों को शक्ति और स्थिरता प्रदान करते हैं।
5️⃣ इम्यूनिटी बढ़ाते हैं
इनमें मौजूद पोषक तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं।
6️⃣ पाचन को सुधारते हैं
सही मात्रा में सेवन करने पर ये पाचन शक्ति को मजबूत करते हैं और कब्ज की समस्या में राहत देते हैं।
गोंद के लड्डू बनाने की विधि
सामग्री:
250 ग्राम गोंद
250 ग्राम देसी घी
500 ग्राम गेहूं का आटा
400 ग्राम गुड़
100 ग्राम कटे हुए मेवे
1 चम्मच इलायची पाउडर
विधि:
कढ़ाही में देसी घी गर्म करें।
गोंद को छोटे टुकड़ों में तोड़कर घी में डालें।
धीमी आंच पर गोंद को भूनें जब तक वह फूल न जाए।
गोंद को निकालकर ठंडा होने दें और मोटा पीस लें।
उसी घी में गेहूं का आटा भूनें।
गुड़ डालकर अच्छी तरह मिलाएँ।
अब इसमें पिसा हुआ गोंद, मेवे और इलायची मिलाएँ।
मिश्रण को हल्का ठंडा कर लड्डू बना लें।
गोंद के लड्डू खाने का सही समय
सर्दियों में सुबह
या रात को सोने से पहले
दूध के साथ सेवन अधिक लाभकारी होता है
कितनी मात्रा में खाएँ?
वयस्क: 1 लड्डू प्रतिदिन
बुजुर्ग: आधा से 1 लड्डू
महिलाएँ: आवश्यकता अनुसार
⚠️ अधिक मात्रा में खाने से वजन बढ़ सकता है।
सावधानियाँ
डायबिटीज मरीज गुड़ की जगह कम मात्रा में शक्कर का उपयोग करें
अधिक गर्म तासीर वालों के लिए सीमित सेवन जरूरी
बच्चों को सीमित मात्रा में दें
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण
आयुर्वेद के अनुसार गोंद के लड्डू वात दोष को शांत करते हैं और शरीर की अस्थि व मांस धातु को पोषण देते हैं। इसलिए सर्दियों में इनका सेवन विशेष रूप से लाभकारी माना गया है।
निष्कर्ष
गोंद के लड्डू स्वाद और स्वास्थ्य दोनों का उत्तम संयोजन हैं। सही विधि से बनाए गए और सीमित मात्रा में सेवन किए गए लड्डू शरीर को ताकत, गर्माहट और संपूर्ण पोषण प्रदान करते हैं।
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